बृहस्पति की पूजा से मिलते है मनचाहे वरदान। जाने कैसे।

DharmaShastra

प्राचीन हिंदू साहित्य में बृहस्पति एक वैदिक युग ऋषि है जो देवताओं को सलाह देते है, जबकि कुछ मध्ययुगीन ग्रंथों में यह सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति को संदर्भित करता है। प्राचीन ग्रंथो में उनके ज्ञान और चरित्र को सम्मानित किया गया है, और उन्हें सभी देवों द्वारा गुरु (शिक्षक) माना जाता है। वैदिक साहित्य और अन्य प्राचीन ग्रंथों में ऋषि बृहस्पति को अन्य नामों जैसे ब्राह्मणस्पति, पुरोहित, अंगिरस (अंगिरस के पुत्र) भी कहा जाता है। हिन्दू धर्म में सप्ताह का हर एक दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित है। और इन्ही देवी देवताओं को प्रसन्न करने के लिए व्रत आदि करते है। ऐसे में सप्ताह के सभी दिनों का व्रत लाभकारी माना जाता है लेकिन इन सभी में वीरवार का व्रत और पूजन बहुत लाभकारी माना जाता है। जिसे भगवान श्री हरी विष्णु जी के लिए रखा जाता है। और भगत मनचाही इच्छा का बरदान प्राप्त करते है। प्राचीन…

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  1. adgaly says:

    Good information ✍️😎 ✌️

Many Many thanks for your visit and support comment :)

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