MADALASA VIDYA

इस विद्या को पूरा करने पर व्यक्ति अपने शरीर के आकार को अपनी इच्छा के अनुसार बढ़ाने या घटाने में सक्षम हो जाता है। भगवान हनुमान ने लंका नगरी में प्रवेश करते समय इसी विद्या से अपने शरीर को छोटा किया था।

KAADI VIDYA

जिस प्रकार हाड़ी विद्या में न तो भूख लगती है और न ही प्यास, उसी प्रकार काड़ी विद्या में ऋतु परिवर्तन अर्थात् ग्रीष्म, शीत, वर्षा आदि का प्रभाव नहीं पड़ता है। इस विद्या को करने के बाद व्यक्ति को ठण्डा नहीं लगेगा, चाहे वह आसन पर बैठे। बर्फ से लदे पहाड़ और आग में बैठने…

HAADI VIDYA – Person neither feels hungry nor thirsty.

इस विद्या या ज्ञान का उल्लेख कई प्राचीन ग्रंथों में किया गया है। इस विद्या को प्राप्त करने पर व्यक्ति को न तो भूख लगती है और न ही प्यास लगती है और वह कई दिनों तक बिना कुछ खाए-पिए पानी पिए रह सकता है। हिमालय के अनेक योगी महीनों-वर्षों तक बिना कुछ खाए-पिए गहन…

MRIT SANJIVANI VIDYA – A dead person can also be made Alive.

इस विद्या की रचना आदि शंकराचार्य ने की थी। इसके माध्यम से मृत व्यक्ति को भी जीवित किया जा सकता है। यह प्रथा भले ही एक मिथक प्रतीत हो, लेकिन गुरु गोरखनाथ ने इसका प्रयोग कई बार किया है। आज कुछ ही लोगों को इस विद्या का व्यावहारिक ज्ञान है।