Category: Sanskrit Shlokas- Our legendary property

Sanskrit Shlokas- Our legendary property

अलसस्य कुतो विद्या, अविद्यस्य कुतो धनम् |

अधनस्य कुतो मित्रम्, अमित्रस्य कुतः सुखम् ||

अर्थात् : आलसी को विद्या कहाँ मूर्ख को धन कहाँ निर्धन को मित्र कहाँ और अमित्र को सुख कहाँ |