श्री वृंदावन बिहारी और साथ सज रही है ब्रिजभानु की दुलारी |

फूलो में सज रहे है श्री वृंदावन बिहारी और साथ सज रही है ब्रिजभानु की दुलारी टेड़ा सा मुकुट रंखा है कैसे सर पर करुणा बरस रही है करुणा भरी निगाह से बिन मोल बीके गयी हु जबसे छबि निहारी फूंलों मेन सज रहे है श्री वृंदावन बिहारी |