The Aghori: An antiquated religion with dead ceremonies.

अघोरपंथ में श्मशान साधना का विशेष महत्व है। अघोरी जानना चाहता है कि मौत और वैराग्य में क्या फर्क होता है। आत्मा मरने के बाद कहां जाती है? क्या आत्मा से बात करना संभव है? ऐसे ढेर सारे प्रश्न है जिसके कारण अघोरी श्मशान में निवास करना पसंद करते हैं। मान्यता है कि श्मशान में साधना करने से शीघ्र ही फल मिल जाता है। श्मशान में साधारण मानव साधारणतया जाता ही नहीं, इसीलिए साधना में विघ्न पड़ने का कोई प्रश्न नहीं।

Aghori Sadhu – The ascetic Cannibals

“Akal mritue vo mare jo kam kare chandal ka, kaal b uska kya kare jo bhakt ho Mahakaal ka” Death presents an unknown element that speaks of a certain but unknown future, yet remains an untouchable predicament in the present. The future is and always will be an unknown experience, a reality that will not…